Monday, June 3, 2019

चमत्कारिक विद्याएं







चमत्कारिक विद्याएं


चौकी बांधना : 

अक्सर ये काम बंजारे, गडरिये या आदिवासी लोग करते हैं। वे अपने किसी जानवर या बच्चे की रक्षा करने के लिए चौकी बांध देते हैं। जैसे गडरिये अपने बच्चे को किसी पेड़ की छांव में लेटा देते हैं और उसके आसपास छड़ी से एक गोल लकीर खींच देते हैं। 

फिर कुछ मंत्र बुदबुदाकर चौकी बांध देते हैं। उनके इस प्रयोग से उक्त गोले में कोई भी बिच्छू, जानवर या कोई बुरी नियत का व्यक्ति नहीं आ सकता है।* 

*🗣उल्लेखनीय है कि यहीं प्रयोग लक्ष्मण ने सीता माता की सुरक्षा के लिए किया था जिसे आज लक्ष्मण रेखा कहा जाता है। दरअसल, चौकी बांधने का प्रयोक कई राजा महाराजा अपने खजाने की रक्षा के लिए भी करते रहे हैं। आज भी उनका खजान इसी कारण से सुरक्षित भी है। रावण ने तो अपने संपूर्ण महल की चौकी बांध रखी थी।*

*🗣चौकी बांधने के कई तरीके होते हैं। चौकी किसी किसी देवी या देवता की बांधी जाती है या नाग महाराज की। चौकी भैरव और दस महाविद्याओं की भी बांधी जाती है।

 कुछ लोग भूत प्रेत की चौक बांधते हैं तो कुछ नगर देवता की। कहते हैं कि कई गढ़े खजाने की चौकी बंधी हुई है।*

*🗣माना जाता है कि बंजारा, आदिवासी, पिंडारी समाज अपने धन को जमीन में गाड़ने के बाद उस जमीन के आस-पास तंत्र-मंत्र द्वारा 'नाग की चौकी' या 'भूत की चौकी' बिठा देते थे जिससे कि कोई भी उक्त धन को खोदकर प्राप्त नहीं कर पाता था। 

जिस किसी को उनके खजाने के पता चल जाता और वह उसे चोरी करने का प्रयास करता तो उसका सामना नाग या भूत से होता था।*

और ज्यादा जानकारी समाधान और उपाय या रत्न या किसी भी प्रकार की विधि या मंत्र प्राप्ति के लिए संपर्क करें और समाधान प्राप्त करें 

चेतावनी -

सिद्ध गुरु कि देखरेख मे साधना समपन्न करेँ , सिद्ध गुरु से दिक्षा , आज्ञा , सिद्ध यंत्र , सिद्ध माला , सिद्ध सामग्री लेकर हि गुरू के मार्ग दरशन मेँ साधना समपन्न करेँ ।

 बिना गुरू साधना करना अपने विनाश को न्यौता देना है बिना गुरु आज्ञा साधना करने पर साधक पागल हो जाता है या म्रत्यु को प्राप्त करता है इसलिये कोई भी साधना बिना गुरु आज्ञा ना करेँ ।

विशेष -

किसी विशिष्ट समस्या ,तंत्र -मंत्र -किये -कराये -काले जादू -अभिचार ,नकारात्मक ऊर्जा प्रभाव आदि पर परामर्श /समाधान हेतु संपर्क करें

महायोगी  राजगुरु जी  《  अघोरी  रामजी  》

तंत्र मंत्र यंत्र ज्योतिष विज्ञान  अनुसंधान संस्थान

महाविद्या आश्रम (राजयोग पीठ )फॉउन्डेशन ट्रस्ट

(रजि.)

.
किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए इस नंबर पर फ़ोन करें :

मोबाइल नं. : - 09958417249

                     08601454449

व्हाट्सप्प न०;- 9958417249


इन्द्रजाल को जानिए






इन्द्रजाल को जानिए :


 इन्द्रजाल का नाम सुनते ही सभी को लगता है कि यह कोई मायावी विद्या है। बहुत से लोग इसे तंत्र, मंत्र और यंत्र से जोड़कर देखते हैं। कई लोग तो इसे काला जादू, वशीकरण, सम्मोहन, मारण और मोहन से भी जोड़कर देखते हैं। हालांकि फारसी में इसे तिलिस्म कहा जाता है।

 कुछ लोग इसे काला जादू भी मानते हैं। यह शब्द इन्द्रजाल भारत में बहुत प्रचलित है जो जादू के संदर्भ में इस्तेमाल किया जाता है।*

प्राचीनकाल में इस विद्या के कारण भी भारत को विश्व में पहचाना जाता था। देश-विदेश से लोग यह विद्या सिखने आते थे। आज पश्‍चिम देशों में तरह-तरह की जादू-विद्या लोकप्रिय है तो इसका कारण है भारत का ज्ञान।

 इन्द्रजाल जैसी विद्या चकमा देने की विद्या है। आजकल भी भाषा में इसे भ्रमजाल कह सकते हैं। जादू का खेल ही इन्द्रजाल कहलाता है। मदारी भी बहुधा ऐसा ही काम दिखाता है। सर्कस के भ्रमपूर्ण कर्तबन करने वाले, बाजीगर, सड़क पर जादू दिखाने वाले आदि सभी लोग ऐंद्रजालिक हैं। 

हालांकि मध्यकाल में इस विद्या का बहुत दुरुपयोग हुआ। युद्ध में विजय, धर्म के विस्तार और व्यक्तिगत स्वार्थ साधने में कई लोगों ने इसका उपयोग किया। आज भी इस विद्या द्वारा लोगों को भरमाया जाता है। खासकर पश्चिमी धर्म के लोग इसका खूब इस्तेमाल करते है।.

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 बिना गुरू साधना करना अपने विनाश को न्यौता देना है बिना गुरु आज्ञा साधना करने पर साधक पागल हो जाता है या म्रत्यु को प्राप्त करता है इसलिये कोई भी साधना बिना गुरु आज्ञा ना करेँ ।

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यहाँ से जानिये अपनी कुंडली में राहु की महादशा -







यहाँ से जानिये अपनी कुंडली में राहु की महादशा - 


अगर आप भी अपनी नौकरी व व्यवसाय में बाधा ,अचानक धन का अधिक खर्च होना या धन रूक-रूक कर प्राप्त होना,आदि समस्याओ के बारे में और अपनी महादशा के बारे में जानना चाहते है तो आज ही आप महाविद्या आश्रम राज योग पीठ ट्रस्ट से सम्पर्क कर सकते हैं . 

महादशा शब्द का अर्थ है वह विशेष समय जिसमें कोई ग्रह अपनी प्रबलतम अवस्था में होता है और कुंडली में अपनी स्थिति के अनुसार शुभ-अशुभ फल देता है।
इन वर्षों में मुख्य ग्रहों की महादशा में अन्य ग्रहों को भी भ्रमण का समय दिया जाता है जिसे अन्तर्दशा कहा जाता है।

आज हम बात करेंगे राहु की महादशा की अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में राहू की दशा या अंतरदशा चल रही हो तो उसे क्‍या समस्‍या आएगी।

राहू की महादशा 18 साल की आती है। विश्‍लेषण के स्‍तर पर देखा जाए तो राहू की दशा के मुख्‍य रूप से तीन भाग होते हैं। ये लगभग छह छह साल के तीन भाग हैं।

नवग्रहों में यह अकेला ही ऐसा ग्रह है जो सबसे कम समय में किसी व्यक्ति को करोड़पति, अरबपति या फिर कंगाल भी बना सकता है।

इसकी शुभता जहां व्यक्ति को आध्यात्मिकता की ओर झुकाव पैदा करती है, वहीं अशुभ राहु व्यक्ति को आपराधिक कृत्यों के लिए प्रेरित करता है. परन्तु राहु कितना भी शुभ क्यों न हो ये तो पक्का है की कुछ तो अशुभ करेगा ही।

राहु की महादशा में व्यक्ति की नौकरी व व्यवसाय में बाधा, मानसिक तनाव व अशांति, रात को नींद न आना, परीक्षाओं में असफलता प्राप्त होना, कार्य में मन न लगना, बेबुनियाद ख्यालों में उलझे रहना, अचानक धन का अधिक खर्च होना या धन रूक-रूक कर प्राप्त होना, बिना सोचे समझे कार्य करना, बनते कार्यो में रूकावट होनाा ये सब समस्यायें आती है और 

अगर राहु की महादशा राहु की अंतर्दशा चल रही हो तो इसका समय 2 वर्ष 8 माह और 12 दिन का होता है। इस अवधि में राहु से प्रभावित जातक को अपमान और बदनामी का सामना करना पड़ सकता है। विष और जल के कारण पीड़ा हो सकती है। विषाक्त भोजन, से स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। इसके अतिरिक्त अपच, सर्पदंश, परस्त्री या पर पुरुष गमन की आशंका भी इस अवधि में बनी रहती है। 

अशुभ राहु की इस अवधि में जातक के किसी प्रिय से वियोग, समाज में अपयश, निंदा आदि की संभावना भी रहती है। किसी दुष्ट व्यक्ति के कारण उस परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है। 

और अगर राहु की महादशा में शुक्र की प्रत्यंतर दशा चल रही हो तो यह पूरे तीन वर्ष चलती है। इस अवधि में शुभ स्थिति में दाम्पत्य जीवन में सुख मिलता है। वाहन और भूमि की प्राप्ति तथा भोग-विलास के योग बनते हैं। यदि शुक्र और राहु शुभ नहीं हों तो शीत संबंधित रोग, बदनामी और विरोध का सामना करना पड़ सकता है।

 हमारे यहा राहु की महादशा की एक स्पेशल रिपोर्ट बनायी जाती  है जिसमे की आपको ये बताया जायेगा की आपकी कौन कौन सी महादशा चल रही है या आगे चलेगी और उन ग्रहों की दशाओं के परिणामस्वरुप आपके स्वास्थ्य, संबंध और आर्थिक स्थिति आदि पर पड़ने वाले प्रभाव।

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Sunday, June 2, 2019

बात शुक्र ग़ह और बहुत खूबसूरत दिखने वाली स्फटिक की माला की





बात शुक्र ग़ह और बहुत खूबसूरत दिखने वाली स्फटिक की माला की 


मित्रो शुक्र ग़ह जिस इंसान का अछा होता है उसे जीवन में धन,वैभव,सुख साधन की अनेक वस्तुओ का सुख , प्रेमी प्रेमिका पति पत्नी का सुख , 

चेहरे पर बहुत खूबसूरत चमक ये सब सुख उसको प्राप्त होते है जो इंसान शुक्र ग़ह को मजबूत करले उसे ऊपर लिखे सब सुख प्राप्त होते है 

शुक्र को मजबूत करने के लिए सबसे सरल उपाय है हाथ में शुक्र वार को ब्रेसलेट की तरहा जहा कंगन पहने जाते है वहा स्फटिक की माला पहन ले आपको जीवन बहुत जल्दी ऊपर लिखे सुख प्राप्त होंगे 

स्फटिक की माला धारण करने के लाभ 

(1) शुक्र ग़ह मजबूत होता है 

(2) जीवन में धन ,वैभव ,समृद्धि प्राप्त होती है 

(3) प्रेमी प्रेमिका पति पत्नी को वश में करके प्यार को बहुत तेज़ गति से बढ़ाता है

(4) वीर्य को बढ़के चेहरे पर खूबसूरती , आकर्षण पैदा करके वशीकरण करता है

(5) सुब्हे से रात तक काम करके न थकने वाली चुस्ती फुर्ती देता है 

ईसी कैसे प्राप्त करे इसकी कीमत 650 रुपये है जोकि आप हमारे  बैंक अकाउंट में जमा करके हमे घर की aadres बताये  ये माला 5 दिन के अन्दर आपके घर भेज दी जायगी

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प्राचीन तंत्र साधनाये*





प्राचीन तंत्र साधनाये*


*पिशाचिनी या पैशाचिनी साधनाएं:*

*पिशाची देवी ही पिशाचिनी साधनाओं की अधिष्ठात्री देवी है। यह हमारे हृदय चक्र की देवी है। इसे बहुत ही खतरनाक तरह की साधनाएं माना जाता है। किसी भी एक पिशाचिनी की साधना करने के बाद व्यक्ति को चमत्कारिक सिद्धि प्राप्त हो जाती है। 

पिशाचिनी साधना में कर्ण पिशाचिनी, काम पिशाचिनी आदि का नाम प्रमुख है। पिशाच शब्द से यह ज्ञात होता है कि यह किसी खतरनाक भूत या प्रेत का नाम है लेकिन ऐसा नहीं है। यह साधनाएं भी तंत्र के अंतर्गत आती है।*

*कर्ण पिशाचिनी साधना को सिद्ध करने के बाद साधक में वो शक्ति आ जाती है कि वह सामने बैठे व्यक्ति की नितांत व्यक्तिगत जानकारी भी जान लेता है। कर्ण पिशाचिनी साधक को किसी भी व्यक्ति की किसी भी तरह की जानकारी कान में बता देती है। इस साधना की सिद्धि के पश्चात् किसी भी प्रश्न का उत्तर कोई पिशाचिनी कान में आकर देती है अर्थात् मंत्र की सिद्धि से पिशाच-वशीकरण होता है। 

मंत्र की सिद्धि से वश में आई कोई आत्मा कान में सही जवाब बता देती है। पारलौकिक शक्तियों को वश में करने की यह विद्या अत्यंत गोपनीय और प्रामाणिक है।*

और ज्यादा जानकारी समाधान और उपाय या रत्न या किसी भी प्रकार की विधि या मंत्र प्राप्ति के लिए संपर्क करें और समाधान प्राप्त करें 

क्रमसः :-----//////

                                               (   आगे जारी है    )

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सर्व रोग निवारण महाकाली साधना






सर्व रोग निवारण महाकाली साधना


 माँ के श्री चरणोमे मेरा कामना है,इस संसार में ऐसा कोई बीमारी ही नहीं है जो इस साधना से ठीक ना हो सके इसलिये आपकी सुविधा  यह दिव्य साधना प्रस्तुत है. 

साधना विधि:-

यह साधना रात्रिकालीन है,सामने कोई भी बाजोट रखिये और बाजोट पर लाल रंग का वस्त्र स्थापित करे,वस्त्र पर महाकाली जी का चित्र स्थापित करे,मंत्र जाप काली हकीक माला या फिर रुद्राक्ष माला से कर सकते है,

आसान और वस्त्र भी लाल रंग के हो,मन्त्र जाप से पूर्व गणेश और गुरु पूजन करे,संकल्प ले "हे माँ आप मुज़े इस साधना में पूर्ण सफलता प्रदान करे",मंत्र जाप का समय रात्रि में ९ बजे का है,नित्य मंत्र का ९ दिनों तक १६ माला मंत्र जाप करना है.

दशमी तिथि को सुबह ११ बजे से हवन करे,हवन में ११ माला काले तिल का आहुति समर्पित करे और एक अनार का बलि प्रदान करे. 

यह विधान संपन्न करने से मंत्र सिद्धि होता है. 



मंत्र:-

।। ॐ ह्रीं ह्रीं क्लीं क्लीं कंकाली महाकाली खप्परवाली अमुकस्य अमुकं व्याधि नाशय शमनय स्वाहा ।।  

जब भी किसी रोगी को ठीक करना हो तो मंत्र में अमुकस्य के जगह रोगी का नाम ले और अमुकं के जगह रोग का नाम उच्चारित करे.

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Saturday, June 1, 2019

काजल से बदल सकती है किस्मत...






काजल  से बदल सकती है किस्मत...





काजल का  टोटका ...

रवि पुष्य योग (रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र) में गूलर के फूल एवं कपास की रूई मिलाकर बत्ती बनाएं तथा उस बत्ती को मक्खन से जलाएं। फिर जलती हुई बत्ती की ज्वाला से काजल निकालें।

 इस काजल को रात में अपनी आंखें में लगाने से हर कोई वश में हो जाता है। ऐसा काजल किसी को नहीं देना चाहिए। 

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महा प्रचंड काल भैरव साधना विधि

  ।। महा प्रचंड काल भैरव साधना विधि ।। इस साधना से पूर्व गुरु दिक्षा, शरीर कीलन और आसन जाप अवश्य जपे और किसी भी हालत में जप पूर्ण होने से पह...