Sunday, July 7, 2019

इस तरह पूजा करने से होते हैं हनुमानजी के दर्शन





इस तरह पूजा करने से होते हैं हनुमानजी के दर्शन


       

हनुमानजी को रूद्रावतार भी कहा जाता है। वह भगवान शिव की तरह ही जल्दी ही प्रसन्न हो जाते हैं और अपने भक्त की हर इच्छा पूरी करते हैं। यूं तो हनुमानजी को प्रसन्न करने के लिए कई तरीके हैं फिर भी कुछ विशेष तांत्रिक प्रयोगों के द्वारा उनके न केवल दर्शन किए जा सकते हैं वरन उनसे मनचाहा वरदान भी पाया जा सकता है।

हनुमान प्रत्यक्ष दर्शन साधना भी ऎसी ही एक तांत्रिक विधि है जिसके द्वारा हनुमानजी के दर्शन होते हैं। इस साधना को किसी मंदिर या गुप्त स्थान पर ही किया जाता है। यदि किसी नदी के कि नारे एकांत स्थान या पर्वत पर स्थित मंदिर में किया जाए तो ज्यादा बेहतर होता है। कुल मिलाकर साधना का स्थान पूर्णतया पवित्र, शांत और शुद्ध होना चाहिए।

पूजा के पहले करें ये तैयारियां

इस पूजा के लिए आपको सबसे पहले सफेद या लाल वस्त्र ले लेने चाहिए। बिना सिले वस्त्र जैसे धोती अधिक उपयुक्त है परन्तु अनिवार्य नहीं है। साथ ही आसन भी सफेद या लाल ही होना चाहिए। पूजा के लिए लड्डू, सिंदूर, केले, दीपक, धूप, गंगाजल, जल का लोटा दूध, माचिस तथा लाल या सफेद फूल ले लें।

मंगलवार को उपवास रखें। इसके साथ ही जल के लोटे में दूध मिला दें और उसे जाप करने के बाद पीपल के पेड़ में चढ़ा दे और हनुमानजी के मंदिर में घी का दीपक जला कर साधना के लिए आज्ञा दें। आपको जल्दी ही स्वप्न में या अन्य किसी संकेत द्वारा हनुमानजी की पूजा की आज्ञा मिल जाएगी। यदि नहीं मिलती है तो इस पूजा को न करें।

ऎसे करें पूजा

ऊपर बताए अनुसार किसी शांत, शुद्ध और एकान्त स्थान पर जाकर गंगा जल छिड़क कर जगह को पवित्र कर लें। वहां गाय के गोबर लीप कर एक चौका बनालें। उस पर स्वास्तिक का चिन्ह बना कर फूल बिछाएं और उस पर हनुमानजी की मूर्ति, चित्र या यंत्र रखें। इसके बाद आसन पर विराजमान होकर मन ही मन भगवान गणेश और अपने गुरू से पूजा आरंभ करने की आज्ञा लें। इसके बाद आप अपनी साधना आरंभ करें।

दीपक जलाकर, पुष्प अर्पण कर भगवान राम के नाम की एक माला का जाप कर भलीभांति हनुमानजी की पूजा-अर्चना कर नीचे दिए मंत्र का मूंगे की माला से 11 माला जाप करें और हनुमानजी को भोग अर्पण करें। भोग में तुलसी का पत्ता अवश्य होना चाहिए। ध्यान रहें प्रतिदिन फल और पुष्प ताजा ही लाने चाहिए। इसके साथ ही अपने आसन और हनुमानजी के चारों तरफ राम नाम का जाप करते हुए एक गोल घेरा बना लें। यह घेरा आपकी सभी विध्नों से रक्षा करेगा। जाप के लिए मंत्र इस प्रकार है

ओम नमो हनुमान बाराह वर्ष के जवान हाथ में लड्डू मुख में पान,
हो के मारू आवन मेरे बाबा हनुमान ये नम:।

पूजा में इन नियमों का पालन अवश्य करें

मंत्र प्रतिदिन शाम को 7 से 11 बजे के बीच ही करना है। भोग लगाकर प्रसाद स्वयं खाएं या छोटे लड़कों को बांट दें।

साधना 41 दिन चलती है और इसे मंगलवार या गुरूवार को ही शुरू करें।

पूरे 41 दिनों के दौरान किसी महिला के संपर्क में न आएं। स्वयं का खाना भी खुद ही बना कर खाएं।

मन-मस्तिष्क में किसी भी तरह का कोई विकार न आने दें और अपने आपको पूरी तरह से भगवान के चरणों में समर्पित कर दें।

ये भी पढ़ेः हनुमान जी के इन 5 मंत्रों के जाप से सभी अमंगल होंगे मंगल

सिर्फ 14 दिन में ही हो सकते हैं आपको दर्शन

साधना का असर 14 दिन के अंदर ही दिखने लगता है। आपको शुरू में धरती हिलती हुई अनुभव होगी। आपको बड़े ही डरावने और भयावह अनुभव होने लगेंगे परन्तु किसी बात से डरना नहीं है। आप चुपचाप हनुमानजी में ध्यान एकाग्र कर अपने मंत्र जाप करते हैं। भगवान रोजाना आकर अपना प्रसाद लेंगे और खा लेंगे। 41वें दिन भगवान साक्षात प्रकट होकर आपको दर्शन देंगे और मनचाहा वरदान मांगने को कहेंगे। आप उस दौरान उनसे कुछ भी मांग कर अपनी इच्छा पूरी कर सकते हैं।

सावधानियां

यह एक अत्यन्त प्रचंड और विलक्षण सिद्धी है। इसे करते समय व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत होना चाहिए। जरा सा भी डर या कमजोरी आदमी को पागल कर सकती है या उसे मार सकती है। इसीलिए यह प्रयोग हर किसी को नहीं करना चाहिए वरन अपने गुरू की आज्ञा और आर्शीवाद लेकर ही करना चाहिए।

चेतावनी -

सिद्ध गुरु कि देखरेख मे साधना समपन्न करेँ , सिद्ध गुरु से दिक्षा , आज्ञा , सिद्ध यंत्र , सिद्ध माला , सिद्ध सामग्री लेकर हि गुरू के मार्ग दरशन मेँ साधना समपन्न करेँ ।

विशेष -

किसी विशिष्ट समस्या ,तंत्र -मंत्र -किये -कराये -काले जादू -अभिचार ,नकारात्मक ऊर्जा प्रभाव आदि पर परामर्श /समाधान हेतु संपर्क करें

महायोगी  राजगुरु जी  《  अघोरी  रामजी  》

तंत्र मंत्र यंत्र ज्योतिष विज्ञान  अनुसंधान संस्थान

महाविद्या आश्रम (राजयोग पीठ )फॉउन्डेशन ट्रस्ट

(रजि.)

किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए इस नंबर पर फ़ोन करें :

मोबाइल नं. : - 09958417249

                     08601454449

व्हाट्सप्प न०;- 9958417249


स्फटिक की माला के चमत्कार से कर देगा आपकी जिंदगी









स्फटिक की माला के चमत्कार से कर देगा आपकी जिंदगी


स्फटिक जिसे बिल्लौर भी कहते हैं। ये कई रंगों में मिलता है व पारदर्शी होता है, अतः पारदर्शी माला भी कहते हैं। यह स्मृद्धि, धन, लक्ष्मी आगमन हेतु सर्वश्रेष्ठ होती है। इसे सौम्य व शुभ सात्विक कार्यो में प्रयोग करते है। यह देवी, शिव व चन्द्र को प्रिय है। 

अतः वशीकरण, शान्ति, कर्म व समृद्धि हेतु इसे धारण करना सर्वश्रेष्ठ होता है।

· स्फटिक की माला को विधिवत पूजन करके गले में धारण करने से धीरे-धीरे धन में वृद्धि होने लगती है।

· जिस व्यक्ति के उपर लगातार ऋण का बोझ बढ़ रहा हो वह व्यक्ति घर के ईशान कोण में जल का कलश रखकर स्फटिक माला जल में रखें व शुक्रवार को लक्ष्मी जी की आराधना करने से लाभ अवश्य मिलेगा।

· मानसिक तनाव दूर करने व शीतलता प्रदान करने के लिए स्फटिक की माला से कम से 1008 मन्त्रों का जाप करके इस माला को गले में पहने से चमत्कारिक लाभ मिलता है।

· स्फटिक की माला शुक्र ग्रह से सम्बन्धित होती है। यदि आपका शुक्र ग्रह कमजोर है या फिर पीड़ित तो शुक्रवार के दिन स्फटिक की माला से

 ''ऊॅ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः''

 मन्त्र की कम से कम एक माला जाप जरूर करें। ऐसा करने से धीमे-धीमे आपका शुक्र मजबूत होकर अच्छा फल देने लगेगा।

· घर में क्लेश मिटाने के लिए स्फटिक की माला से पार्वती जी के इस मन्त्र ''ऊॅ गौरये नमः'' का जाप करें और इसी माला को गले में धारण करें। यह उपाय श्रद्धापूर्वक करने से अवश्य लाभ मिलता है।

· विद्या प्राप्ति के लिए सरस्वती जी के इस ''ऊॅ ऐं'' मन्त्र का स्फटिक की माला से जाप करने से विद्या के क्षेत्र में अपार सफलता मिलती है।

· जिन लोगों को उच्च रक्त या अधिक क्रोध आता है उन लोगों को स्फटिक की माला पहनने से अत्यन्त लाभ मिलता है।

· जिन पति-पत्नियों में आपसी झगड़ा अधिक होता है और प्रेम न के बराबर है। ऐसे में पति-पत्नी दोनों लोगों को एक-एक स्फटिक की माला पहनने से आपसी पे्रम में वृद्धि होती है।

माला पहनने की विधि-शुक्ल पक्ष के प्रथम शुक्रवार को पहले जल व दूध में स्फटिक की माला को डाल दें, उसके बाद गायत्री मन्त्र की कम से कम एक माला का जाप करें फिर सूर्योदय होने के 3 घण्टे के अन्दर माला को पहन लेना चाहिए.

राज गुरु जी

महाविद्या आश्रम  (  राज योग  पीठ   )  ट्रस्ट  
.
किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए इस नंबर पर फ़ोन करें :

मोबाइल नं. : - 09958417249  

                      08601454449

व्हाट्सप्प न०;- 9958417249



Saturday, July 6, 2019

लौन्कडिया वीर साधना





लौन्कडिया वीर साधना


लौन्कडिया वीर साधना एक दुर्लभ साधना है बहुत कम लोग इस साधना के विषय में जानते है ! लौन्कडिया वीर महापण्डित रावण जी की एक विशेष सेना के सेनापति थे !

उन्हें माँ जगदम्बा का वरदान था और माँ जगदम्बा की कृपा से लौन्कडिया वीर तंत्र में अमर हो गए !

 इस साधना के दम पर आप अपने शत्रुओं को परास्त कर सकते है और अपने बहुत से रुके हुए कार्य करवा सकते है ! यह साधना बहुत उग्र है इसलिए गुरु आज्ञा से ही करे !

 साधना के दौरान कुछ आवाजें सुनाई देगी पर कुछ दिनों के बाद सब शांत हो जायेगा !

।। मन्त्र ।।

लौन्कडिया वीर भागे भागे आओ

दौड़े दौड़े आओ, जैसे दुर्गा द्वारे कूदे

वैसे मेरे द्वारे कूदो

रावण जी के सेनापति पाताल के राजा

देखा लौन्कडिया वीर तेरी हजारी का तमाशा!

।। साधना विधि ।।

इस साधना को आप किसी भी दिन से शुरू कर सकते है !

आसन पर बैठकर आसन जाप पढ़े और शरीर कीलन कर रक्षा घेरा बनाये !

एक तेल का दीपक जलाएं और गुरुदेव से आज्ञा लेकर गुरुमंत्र जपे और गणेश जी का पूजन करे , फिर इस मन्त्र का 15 माला जाप करे !

यह क्रिया आपको 41 दिन करनी है ! हररोज दूध में जलेबी उबालकर पूजा के समय पास रखले और बाद में उजाड़ स्थान पर रख आये !

अंतिम दिन किसी ११ साल के लड़के को एक गुली डंडा और दक्षिणा दे!

।। प्रयोग विधि ।।

लौन्कडिया वीर से जब भी कोई काम करवाना हो तो जलेबी को दूध में उबालकर भोग तैयार करले और एक माला मन्त्र की जपकर कार्य बोल दे और सामग्री उजाड़ स्थान में रखदे ! आपका कार्य सिद्ध हो जायेगा !

और ज्यादा जानकारी समाधान और उपाय या रत्न या किसी भी प्रकार की विधि या मंत्र प्राप्ति के लिए संपर्क करें और समाधान प्राप्त करें

चेतावनी -

सिद्ध गुरु कि देखरेख मे साधना समपन्न करेँ , सिद्ध गुरु से दिक्षा , आज्ञा , सिद्ध यंत्र , सिद्ध माला , सिद्ध सामग्री लेकर हि गुरू के मार्ग दरशन मेँ साधना समपन्न करेँ ।

विशेष -

किसी विशिष्ट समस्या ,तंत्र -मंत्र -किये -कराये -काले जादू -अभिचार ,नकारात्मक ऊर्जा प्रभाव आदि पर परामर्श /समाधान हेतु संपर्क करें

महायोगी  राजगुरु जी  《  अघोरी  रामजी  》

तंत्र मंत्र यंत्र ज्योतिष विज्ञान  अनुसंधान संस्थान

महाविद्या आश्रम (राजयोग पीठ )फॉउन्डेशन ट्रस्ट

(रजि.)

.
.
किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए इस नंबर पर फ़ोन करें :

मोबाइल नं. : - 09958417249

                    08601454449

व्हाट्सप्प न०;- 9958417249



Friday, July 5, 2019

जानिए मूंगा पहनने के फायदे और नुकसान




जानिए मूंगा पहनने के फायदे और नुकसान

 ....


मूंगा समुद्र में पायी जानी वाली एक वनस्पति है, जिसे मंगल का रत्न कहा जाता है। जिन लोगों की कुण्डली में मंगल पापी होकर अशुभ फल दे रहा होता है, 

उसे नियंत्रित करने के लिए मूंगा धारण करना चाहिए। मूंगा एक ऐसा रत्न है, जिसे धारण करने से अनेको प्रकार के लाभ प्राप्त होते है।

मंगल रत्न मूंगा से मंगलमय हो जाता है जीवन
आईये जानते है कि मूंगा पहनने के क्या-क्या फायदे हैंं...
मूंगा पहनने के लाभ 

इस रत्न को सोने/चॉदी या तॉबे में पहनने से बच्चों को नजर नहीं लगती एंव भूत-प्रेत व बाहरी हवा का भय खत्म हो जाता है। मूंगा धारण करने से ईर्ष्या दोष समाप्त होता है, साहस व आत्म-विश्वास में वृद्धि होती है।

मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोगों को मूंगा पहनने से अत्यन्त लाभ होता है। उदासी व मानसिक अवसाद पर काबू पाने के लिए मूॅगा रत्न अवश्य धारण करना चाहिए।

 किसी बच्चे को आलस्य बहुत सता रहा है तो...
पुलिस, आर्मी, डाक्टर, प्रापर्टी का काम करने वाले, हथियार निर्माण करने वाले, सर्जन, कम्प्यूटर साप्टवेयर व हार्डवेयर इन्जीनियर आदि लोगों को मूॅगा पहनने से विशेष लाभ होता है।

अगर किसी बच्चे को आलस्य बहुत सता रहा है तो उसे मूॅगा पहनाने से उसका आलस्य दूर भाग जाता है।यदि किसी व्यक्ति को रक्त से सम्बन्धित कोई दिक्कत है तो उसे मूंगा पहनने से फायदा मिलता है।

मिर्गी तथा पीलिया रोगियों के लिए मूंगा पहनना अत्यन्त हितकारी साबित होता है।

मेष, वृश्चिक, सिंह, धनु व मीन राशि वाले
शुगर रोगी अगर मूंगा धारण करेंगे तो उनका शुगर कंट्रोल में बना रहेगा।जिनके मॉसपशियों में दिक्कत रहती है, उन्हें मूॅगा पहनने से फायदा मिलता है। 

मेष, वृश्चिक, सिंह, धनु व मीन राशि वाले लोग मूंगा धारण कर सकते है। सूर्य और मंगल आपस में मित्र है। सूर्य का रत्न माणिक्य है, इसलिए मूंगा के साथ माणिक्य पहना जा सकता है।मूंगा रत्न पोखराज और मोती के साथ भी पहना जा सकता है।

 सिर्फ मंगलवार के दिन
मूंगा तर्जनी और अनामिका अंगुली में धारण किया जा सकता है।मूंगा गोमेद, लहसुनिया, हरी व नीलम के साथ पहनना हानिकारक सिद्ध हो सकता है।

मूंगा सिर्फ मंगलवार के दिन चित्रा व मृगशिरा नक्षत्र में ही धारण करना चाहिए।मूंगा धारण करने के पश्चात नानवेज नहीं धारण करना चाहिए और मंगलवार व शनिवार को तो कदापि नानवेज नहीं ग्रहण करना चाहिए।

 मूंगा धारण करने की विधि
सोमवार, मंगलवार व बुधवार धूम्रपान व नानवेज कादपि न करें। सोमवार के दिन प्रातःकाल स्नान ध्यान करके कच्चे दूध व गंगाजल में मूंगे को डाल दें।

 मंगलवार की सुबह 108 बार ‘ऊॅ भौमाय नमः' मन्त्र का जाप करें एंव हनुमान जी के चरणों में रखकर प्रार्थना करें। हे हनुमान जी हम आपकी कृपा से मूंगा रत्न धारण कर रहें है। 

अतः इसको धारण करने से हमारे मनोरथ पूर्ण हो। तत्पश्चात मूंगा को तर्जनी या अनामिका उंगली में धारण कर लें।

रत्न चाहिए तो संपर्क करे.और प्राप्त करे।

और ज्यादा जानकारी समाधान उपाय विधि प्रयोग या कुंडली का पूर्ण विश्लेषण के लिए संपर्क करें और कुंडली का पूर्ण जानकारी प्राप्त करके जीवन में अनेकों लाभ प्राप्त करें ..

 जन्म  कुंडली  देखने और समाधान बताने  की 

दक्षिणा  -  201 मात्र .

Pytam नम्बर -  9958417249

विशेष

किसी विशिष्ट समस्या ,तंत्र -मंत्र -किये -कराये -काले जादू -अभिचार ,नकारात्मक ऊर्जा प्रभाव आदि पर परामर्श /समाधान हेतु संपर्क करें

राजगुरु जी

तंत्र मंत्र यंत्र ज्योतिष विज्ञान  अनुसंधान संस्थान

महाविद्या आश्रम (राजयोग पीठ )फॉउन्डेशन ट्रस्ट

(रजि.)

किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए इस नंबर पर फ़ोन करें :

मोबाइल नं. : - 09958417249

                     08601454449

व्हाट्सप्प न०;- 09958417249


Thursday, July 4, 2019

क्या आपकी हथेली में है राजयोग, खुद देखिए ...




क्या आपकी हथेली में है राजयोग, खुद देखिए ....


सिर्फ कुंडली में ही नहीं हथेली देखकर भी जान सकते हैं कि आप राजयोग लेकर पैदा हुए हैं। और अगर आपकी हथेली में यह योग बन रहा है तो समझ लीजिए आप सफल और धनवान बनेंगे। तो चलिए देखते हैं हथेली में राजयोग कहां बन रहा है।

हस्तरेखा विज्ञान में हथेली में मौजूद कुछ चिन्हों को बहुत ही शुभ माना जाता है। इन्हीं शुभ चिन्हों और रेखाओं को राजयोग का सूचक माना जाता है। जैसे शनि पर्वत पर त्रिशूल का निशान। 

अगर इनके साथ हथेली में भाग्य रेखा को चन्द्र पर्वत से आती रेखा छू रही हो तब इसका प्रभाव और बढ जाता है व्यक्ति बड़ा अधिकारी बनता है। 

ऐसे व्यक्तियों को सरकारी क्षेत्र में बहुत मान-सम्मान प्राप्त होता है।

राजयोग ..

हथेली में हल और खड्ग यानी तलवार का निशान बहुत ही शुभ और राजयोग के समान फल देने वाला माना गया है। जिनकी हथेली में ऐसे चिन्ह होते हैं वह धन संपन्न होते हैं।

 शादी, विवाह ...

हथेली में शादी की रेखा क्या कहती है आपके बारे में

 तर्जनी उंगली ...

यह उंगली बताती है व्यापार और राजनीति में खूब धन

 और नाम कमाएंगे

ऐसी लड़कियां होती है भाग्यशाली, मिलता है प्यार और पैसा भी

 छोटी उंगली ...

आपकी छोटी उंगली बताती है कैरियर और धन का हाल

 जीवन रेखा

अपनी हथेली में जीवन रेखा देखिए, जानिए 10 रोचक बातें

हथेली में मंगल पर्वत ऊंचा हो साथ में मस्तिष्क रेखा सिरे पर दो भागों में बंटा हुआ हो और सबसे कनिष्ठा उंगली लंबी हो तो यह संकेत है कि व्यक्ति राजयोग लेकर पैदा हुआ है और सरकारी क्षेत्र में उच्च पद और लाभ प्राप्त कर सकता है।

हस्तरेखा ...

अपनी हथेली में अनामिका उंगली के पास से चलती हुई रेखा को देखिए अगर यह रेखा मस्तिष्क रेखा से मिली हुई है और मस्तिष्क रेखा सिरे झुककर गुरु पर्वत पर आ रही है.

 तो यह समझ लीजिए कि राजा की तरह सुख प्राप्त करता है। ऐसे व्यक्ति राजनीति में सफल होते हैं।
क्या आपकी हथेली में है राजयोग, खुद देखिए

राजयोग

अगर आपकी हथेली में गुरु और सूर्य पर्वत ऊंचा है साथ ही भाग्य रेखा और बुध रेखा स्पष्ट और सीधी है तो यह राजयोग का संकेत है। ऐसी स्थिति में आप सरकारी क्षेत्र में उच्च पद प्राप्त कर सकते हैं।

राजयोग ...

हथेली में मछली का निशान होना भी राजयोग कारक माना गया है।

राजयोग

छाता और मंदिर का चिन्ह होना भी शुभ फलदायी होता है।

 और भी बहुत कुछ कहता है आप की हस्तरेखा आप के जीवन से जुड़ा हुआ परिस्थिति परिस्थिति के बारे में जानने के लिए और हस्तरेखा का पूर्णा विश्लेषण के लिए संपर्क करें....



और ज्यादा जानकारी या हस्तरेखा दिखाना चाहते हैं या आप के जीवन से जुड़ा हुआ किसी भी स्थिति परिस्थिति के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप अपने हाथ की रेखाएं व्हाट्सएप करें .

और जानकारी समाधान उपाय विधि प्राप्त करें 

और ज्यादा जानकारी समाधान उपाय विधि प्रयोग या कुंडली का पूर्ण विश्लेषण के लिए संपर्क करें और कुंडली का पूर्ण जानकारी प्राप्त करके जीवन में अनेकों लाभ प्राप्त करें ..

 जन्म  कुंडली  देखने और समाधान बताने  की 

दक्षिणा  -  201 मात्र .

Pytam नम्बर -  9958417249

विशेष

किसी विशिष्ट समस्या ,तंत्र -मंत्र -किये -कराये -काले जादू -अभिचार ,नकारात्मक ऊर्जा प्रभाव आदि पर परामर्श /समाधान हेतु संपर्क करें

राजगुरु जी

तंत्र मंत्र यंत्र ज्योतिष विज्ञान  अनुसंधान संस्थान

महाविद्या आश्रम (राजयोग पीठ )फॉउन्डेशन ट्रस्ट

(रजि.)

किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए इस नंबर पर फ़ोन करें :

मोबाइल नं. : - 09958417249

                     08601454449

व्हाट्सप्प न०;- 9958417249



भूत, भविष्य और वर्तमान की जानकारी देती है आपकी हस्तरेखा, जानें 15 विशेष बातें...





भूत, भविष्य और वर्तमान की जानकारी देती है आपकी हस्तरेखा, जानें 15 विशेष बातें...

हस्तरेखा में अंगुलियों का बहुत महत्वपूर्ण स्थान होता है। किसी भी व्यक्ति के हाथ के गहन अध्ययन द्वारा उस व्यक्ति के भूत, भविष्य और वर्तमान तीनों कालों के बारे में आसानी से बताया जा सकता है।  

हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार अंगुलियों के द्वारा व्यक्ति का पूरी तरह एक्स-रे किया जा सकता है। अंगुलियां छोटी-बड़ी, मोटी-पतली, टेढ़ी-मेढ़ी, गांठ वाली तथा बिना गांठ वाली कई प्रकार की होती हैं। 

आइए जानें कुछ विशेष बातें... 

* प्रत्येक अंगुली तीन भागों में बंटी होती है, जिन्हें पोर कहते हैं। 

* पहली अंगुली को तर्जनी, दूसरी अंगुली को मध्यमा, तीसरी अंगुली को अनामिका तथा चौथी अंगुली को कनिष्ठा कहा जाता है। 

* ये अंगुलियां क्रमशः बृहस्पति, शनि, सूर्य तथा बुध के पर्वतों पर आधारित होती हैं।

* प्रत्येक अंगुली की अलग-अलग परीक्षा की जाती है। 

* यदि अंगुलियों के अग्र भाग नुकीले हों और अंगुलियों में गांठ दिखाई न दे तो व्यक्ति कला और साहित्य का प्रेमी तथा धार्मिक विचारों वाला होता है। काम करने की क्षमता इनमें कम होती है। सांसारिक दृष्टि से ये निकम्मे होते हैं। 

* लम्बाई के हिसाब से अधिक लम्बी अंगुलियों वाला व्यक्ति दूसरे के काम में हस्तक्षेप अधिक करता है। 

* लम्बी और पतली अंगुलियों वाला व्यक्ति चतुर तथा नीतिज्ञ होता है। 

* छोटी अंगुलियों वाला व्यक्ति अधिक समझदार होता है। 

* बहुत छोटी अंगुलियों वाला व्यक्ति सुस्त, स्वार्थी तथा क्रूर प्रवृति का होता है। 

* जिस व्यक्ति की पहली अंगुली यानी अंगूठे के पास वाली अंगुली बहुत बड़ी होती है वह व्यक्ति तानाशाही अर्थात् लोगों पर अपनी बातें थोपने वाला होता है। 

* यदि अंगुलियों मिलाने पर तर्जनी और मध्यमा के बीच छेद हो तो व्यक्ति को 35 वर्ष की उम्र तक धन की कमी रहती है। 

* यदि मध्यमा और अनामिका के बीच छिद्र हो तो व्यक्ति को जीवन के मध्य भाग में धन की कमी रहती है। 

* अनामिका और कनिष्का के बीच छिद्र बुढ़ापे में निर्धनता का सूचक है। 

* जिस व्यक्ति की कनिष्ठा अंगुली छोटी तथा टेड़ी-मेड़ी हो तो वह व्यक्ति जल्दबाज तथा बेईमान होता है। 

और ज्यादा जानकारी या हस्तरेखा दिखाना चाहते हैं या आप के जीवन से जुड़ा हुआ किसी भी स्थिति परिस्थिति के बारे में विशेष जानकारी के लिए आप अपने हाथ की रेखाएं व्हाट्सएप करें .

और जानकारी समाधान उपाय विधि प्राप्त करें 

और ज्यादा जानकारी समाधान उपाय विधि प्रयोग या कुंडली का पूर्ण विश्लेषण के लिए संपर्क करें और कुंडली का पूर्ण जानकारी प्राप्त करके जीवन में अनेकों लाभ प्राप्त करें ..

 जन्म  कुंडली  देखने और समाधान बताने  की 

दक्षिणा  -  201 मात्र .

Pytam नम्बर -  9958417249

विशेष

किसी विशिष्ट समस्या ,तंत्र -मंत्र -किये -कराये -काले जादू -अभिचार ,नकारात्मक ऊर्जा प्रभाव आदि पर परामर्श /समाधान हेतु संपर्क करें

राजगुरु जी

तंत्र मंत्र यंत्र ज्योतिष विज्ञान  अनुसंधान संस्थान

महाविद्या आश्रम (राजयोग पीठ )फॉउन्डेशन ट्रस्ट

(रजि.)

किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए इस नंबर पर फ़ोन करें :

मोबाइल नं. : - 09958417249

                     08601454449

व्हाट्सप्प न०;- 9958417249


Tuesday, July 2, 2019

आपकी हाथ की रेखाएं बताएंगी आपका भविष्य, जानिए किस लकीर से मिलेगा कितना पैसा ....





आपकी हाथ की रेखाएं बताएंगी आपका भविष्य, जानिए किस लकीर से मिलेगा कितना पैसा ....


हाथ की रेखाएं बताएंगी भविष्य: किसी भी व्यक्ति की हस्तरेखा यानी हाथ की रेखा उसके भविष्य से जुड़ी बहुत सारी जानकारियां बता सकती हैं. सरल शब्दों में कहा जाए तो हस्तरेखा भविष्य बताने का एक प्राचीन तरीका है.

 हम किसी भी व्यक्ति के हाथ की रेखाओं को अध्ययन करके उसके कल, आज और भविष्य के बारे में पता लगा सकते हैं. हर व्यक्ति की हथेली की रेखाओं की बनावट अलग-अलग होती है ..

जो कि जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करती है. इन रेखाओं में भाग्य रेखा, प्रेम रेखा, जीवन रेखा, मस्तिष्क रेखा, हृदय रेखा आदि रेखाएं प्रमुख रेखाएं हैं.

आज के इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसी रेखाओं के बारे में बताने जा रहे हैं जो सभी लोगों की हथेली में नहीं होती. यह रेखाएं केवल उन लोगों की हथेली में पाई जाती हैं 

जो कि अपनी लव लाइफ के लिए संवेदनशील और असुरक्षित हैं और जिनके पास धन की प्राप्ति होने वाली है. दरअसल इन रेखाओं को देखकर आप पता लगा सकते हैं कि आपको जीवन में धन लाभ के योग है या नहीं.

हथेली में “X” रेखाएं मौजूद होना ..

ऐसे बहुत से लोग हैं जिनके हाथों में एक रेखा दूसरी रेखा को काटती है जोकि x का चिन्ह बनाती है. अगर आपके घर में भी किसी के हाथ में ऐसी रेखा है तो समझ लीजिए कि वह व्यक्ति बहुत ही किस्मत वाला है. 

ऐसे व्यक्ति को जिंदगी में कभी भी पैसे की कमी नहीं झेलनी पड़ती. वह जो भी चाहता है उसे वह जरूर मिलता है. ऐसी रेखाएं वाले लोग बेहद शांत स्वभाव के होते हैं और भूल से भी किसी का बुरा नहीं सोच सकते. 

इन लोगों को परिवार और साथी का भी भरपूर प्यार मिलता है. इनके पास जमीन एवं जायदाद की कोई कमी नहीं रहती.

हाथ की लकीरों में “M” चिन्ह बनना ...

अधिकतर लोगों के हाथ में एम निशान की रेखाएं बनी होती हैं. ऐसे लोग बाकी व्यक्तियों की तुलना में काफी अलग किस्म के होते हैं.

 यह काफी जिद्दी स्वभाव के होते हैं और केवल अपनी सुनते हैं और खुद के बनाए हुए रास्ते पर चलना पसंद करते हैं. यह लोग काफी बहादुर होते हैं और हर चुनौती को पार करने की क्षमता रखते हैं. 

यह अपनी जिद और दिमाग के अभाव में 1 दिन सफल जरुर होते हैं. यह काफी रोमांटिक किस्म के होते हैं. यह अपने बलबूते पर धन हासिल करना चाहते हैं और 1 ना एक दिन इन्हे अपनी मंजिल मिल ही जाती है.

हाथ की हथेली में त्रिकोण चिन्ह बनना ...
जिन व्यक्तियों की जीवन रेखा सही जुलाई में हो और मस्तिष्क रेखा दो भागों में बटी हुई हो, ऐसे लोगों की हथेली में त्रिकोण का चिन्ह बना होता है. त्रिकोण चिन्ह वाले व्यक्ति भविष्य में ढेर सारा धन कमाते हैं. 

यह आत्मविश्वास से भरपूर होते हैं और समय समय पर इन्हें धन की प्राप्ति होती रहती है. यह अपने परिवार और साथी से बेहद प्रेम करते हैं और उनका अच्छे से ख्याल रखना चाहते हैं.

हथेली में शनि पर्वत बनना ...

बहुत सारे लोगों की हथेली में शनि पर्वत यानि मध्य उंगलियों के पास दो या दो से अधिक रेखाएं होती हैं ऐसे व्यक्तियों को धन और सुख दोनों ही प्राप्त होते हैं.

 यह काफी दयालु किस्म के होते हैं और उनका दान पुण्य में अधिक विश्वास होता है. यह किसी का दिल नहीं दुखाते और सब की इज्जत करते हैं.

जानिए अंगूठे के आधार पर व्यक्ति के स्वभाव और भविष्य से जुड़ी खास बातें...

अगर आप भी अपनी कुंडली के माध्यम से अपने जीवन साथी का स्वभाव और रूप जानना चाहते है तो संपर्क करे.

और ज्यादा जानकारी समाधान उपाय विधि प्रयोग या कुंडली का पूर्ण विश्लेषण के लिए संपर्क करें और कुंडली का पूर्ण जानकारी प्राप्त करके जीवन में अनेकों लाभ प्राप्त करें ..

 जन्म  कुंडली  देखने और समाधान बताने  की 

दक्षिणा  -  201 मात्र .

Pytam नम्बर -  9958417249

विशेष

किसी विशिष्ट समस्या ,तंत्र -मंत्र -किये -कराये -काले जादू -अभिचार ,नकारात्मक ऊर्जा प्रभाव आदि पर परामर्श /समाधान हेतु संपर्क करें

राजगुरु जी

तंत्र मंत्र यंत्र ज्योतिष विज्ञान  अनुसंधान संस्थान

महाविद्या आश्रम (राजयोग पीठ )फॉउन्डेशन ट्रस्ट

(रजि.)

किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए इस नंबर पर फ़ोन करें :

मोबाइल नं. : - 09958417249

                     08601454449

व्हाट्सप्प न०;- 9958417249



महा प्रचंड काल भैरव साधना विधि

  ।। महा प्रचंड काल भैरव साधना विधि ।। इस साधना से पूर्व गुरु दिक्षा, शरीर कीलन और आसन जाप अवश्य जपे और किसी भी हालत में जप पूर्ण होने से पह...