Sunday, October 29, 2017

वशीकारन

वशीकारन



 





सम्मोहान  वशीकारन  के लिए किसी  "" रवि  पुष्य    "" योग  के दिन सात लौंग   (  फूलदार  होनी चाहिए  )  लेकर उन्हे धूप  -  दीप  देकर इस मंत्र  द्वारा  अभिमांत्रित  करें  .

   | ॐ   ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे ||

 समाग्री   : - 

सिद्धि  वशीकारनी  माला  . चामुण्डा  बीसा  यंत्र  प्राण  प्रातिष्टा  युक्त मंत्र  सिद्धि .

यह मंत्र 51 माला  जपना चाहिए  . तदूपरांत   इसी मंत्र से 51 आहुतियाँ  देकर हवन  करें . फिर लौंग को कहीं पवित्र स्थान पर रख दें . आवश्यकतानुसार  एक लौंग  पुन :  सात बार वही मंत्र पढ़कर  ""    अमुक   ""   व्यक्ति को खिला दें .

 यह कार्य   ""   रवि  या मंगल   ""   के दिन विशेष  प्रभावी  होता हैं . संभव हो तो उसे 3 या 4   दिन तक वह   ""  लौंग   ""   खिलाते रहें  .

यह प्रयोग उस व्यक्ति को आप की अोर आकर्षित  कर देगा . यथासम्भव  ऐसे प्रयोग किसी दुष्कामना  से प्रेरित होकर नहीं करना चाहिए .

महाविद्या आश्रम

किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए इस नंबर पर फ़ोन करें :

मोबाइल नं. : - 09958417249

                     08601454449

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Friday, October 27, 2017

चामुंडा स्वप्न सिद्धि साधना

चामुंडा स्वप्न सिद्धि साधना









 ॐ ह्रीम आगच्छा गच्छ चामुंडे श्रीं स्वाहा ।।

सामग्री   :  -   स्वप्न सुंदरी यंत्र . चामुंडा गुटिका . विद्दुत माला . सभी सामग्री प्राण प्रतिष्ठा युक्त मंत्र सिद्धि चैतन्य होना ज़रूरी हैं .

 विधि :-

 सबसे पहले मिट्टी ओर गोबर से जमीन को लीप ले ओर वो जगह पर कोई बिछोना बिछाले । फिर पंचोपचार से मटा का पूजन करके देवी मटा को नेवेध्य अर्पण करे ।

 उसके बाद विद्दुत माला की माला से उपरोक्त मंत्र का जाप 10,000 बार करे ओर देवी का द्यान करे इस तरह मंत्र सिद्धि कारले फिर उसके बाद जब कभी भी कोई प्रश्न मन मे हो तो मंत्र का 1 माला यानि 108 बार मंत्र का जाप करके सो जाए तो देवी अर्धरात्रि को स्वप्न मे आकार प्रश्न का उत्तर प्रदान करती हे …

राज गुरु जी

महाविद्या आश्रम .

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Sunday, October 22, 2017

घोर रूपिणी वशीकरण साधना -

घोर रूपिणी वशीकरण साधना -

यह साधना बहुत ही तीक्ष्ण प्रवाभ रखती है | इसका उपयोग शत्रु वशीकरण के लिए और रूठी हुई पत्नी जा पति को वश में करने के लिए किया जाता है |यह भी ध्यान रखे के किसी भी अनुचित कार्य के लिए यह प्रयोग न करे अथवा आपको हानि होगी | यहा सिर्फ जिज्ञाशा के लिए यह प्रयोग दे रहा हु इसे अपने उच्च अधिकारी पत्नी अथवा पति को अनुकूल बनाने के लिए प्रयोग करे |

साधना विधि –

किसी भी अमावश ,ग्रहण काल ,दीपावली आदि शुभ महूरत में शुरू कर इसका जाप 7 दिन में 11000 कर के सिद्ध कर ले फिर किसी भी ख्द्य पदारथ भोजन आदि जब भी आप करने बैठे उसे 7 वार अभिमंत्रिक कर जिसका भी नाम लेकर खाया जाता है उसका निहचय ही वशीकरण हो जाता है और वह आपके अनुकूल कार्य करने लगेगा और आपकी आज्ञा का पालन करेगा |

१. किसी बेजोट पे एक लाल कपड़ा विशा दे उसके उपर एक नारियल तिल की ढेरी पे स्थाप्त करे |

२. नारियल का पूजन करे उस पे सिंदूर का तिलक करे धूप दीप आदि से घोर रूपिणी को स्मरण करते हुये पूजन करे |

३. भोग मिठाई का लगाए |

४. दिशा दक्षिण की तरफ मुख रखे |

५. आसन कंबल का ले जा कोई भी ऊनी आसन ले ले |

६. माला काले हकीक जा रुद्राक्ष की ठीक रहती है |

७. वस्त्र किसी भी तरह के पहन ले |इस साधना को शाम 8 से 10 व्जे के बीच कभी भी शुरू कर ले |

८. मंत्र जाप पूरा हो जाए तो नारियल किसी भी शिव मंदिर जा काली के मंदिर में कुश दक्षणा के साथ चढ़ा दे और सफलता के लिए प्रार्थना करे |

९. गुरु पूजन और गणेश पूजन हर साधना में अनिवार्य होता है इसका ध्यान रखे |
मंत्र---

|| ॐ नमः कट विकट घोर रूपिणी स्वाहा ||

राजगुरु जी

महाविद्या आश्रम

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Saturday, October 21, 2017

वशीकरण चमत्कारी प्रयोग

वशीकरण  चमत्कारी प्रयोग





सामग्री   : - 

मँत्रसिद्धि प्राण प्रतिष्ठा युक्त वशीकरण यंत्र  . श्रीयंत्र . कनक धारा यंत्र . कुबेर यंत्र  सभी यंत्र भोजपत्र पर निर्मित हो . केशर . धूप . देशी घी का . अगरबत्ती . गुलाब का इत्र .

माला   : -    बैजन्ती माला .

समय   : -    दिन  या रात्रि  का कोई भी शुभ समय .

आसन  :  -   सफेद रंग का सूती आसन .

दिशा    :  -    पूर्व दिशा .

अवधि  : -     ग्यारह या 18 दन

मंत्र      : -     ॐ  नमो कुबेराय वैश्रवणाय

                अक्षय    समृद्धि  देहि  देहि कनक धारायें नम :

प्रयोग   : - 

यह उत्तम और अक अनुभूत प्रयोग  हैं . साधक को चाहिए कि वह किसी भी रविवार से यह प्रयोग करें . सामने  सफेद वस्त्र  बिछाकर  बीच मॆ कुबेर यंत्र और वशीकरण यँत्र . बायीं  तरफ़ श्री यंत्र  तथा दाहिनी तरफ़ कनक धारा यंत्र रख दे . सभी यंत्रों पर  इत्र का लेप करें और उनपर केशर आदि से तिलक कर पुष्प चढ़ाये और विधिवत रूप से पूजा आदि करके फिर जाप शुरू कर दें .

    जब मंत्र जाप पूरा हो जाऐं  तो तीनो यंत्रों को इसी क्रम  से पूजा घर मैं रख दें . और वशीकरण यन्त्र को लाल कपड़े मॆ रख कर जेब मॆ रख  ले . तो जीवन मैं किसी प्रकार की  कोई कमी नही रहती और सभी दृष्टियों से सुख -  समृद्धि  का अटूट बना रहता हैं . और जिसका भी वशीकरण करना होता होता हैं वह सदैव आप का अपना बनकर रहता हैं . जब भी अपने प्रेमी - प्रेमिका के  पास मिलने जाना हो तो वह  वशीकरण यंत्रणा और इत्र लगाकर जाऐँ  . तो गोली की तरह असर होगा  .

यह अक अनुभूत और परीक्षित प्रयोग हैं .

नोट    : - 

कोई भी साधना करने से पहले अपने गुरु जी या किसी योग्य साधक के मार्गदर्शन मॆ ही साधना सम्पन्न करें .साधना मॆ किसी भी प्रकार से गलत दुरपयोग करने पर साधक  खुद जिम्मेदार होगा

 राज गुरु जी

महाविद्या आश्रम
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Friday, October 20, 2017

सिद्ध जप माला

सिद्ध जप माला










मित्रो आप सब जनते हे कोई भी मन्त्र करने के लिए एक जप माला की आवश्कता होती हे । परन्तु क्या आप ये जानते हे की यह माला शास्त्र के अनुसार सम्पूर्ण रूप से प्राण प्रतिष्टित और मंत्र से सिद्ध होनी आवश्यक हे अन्यथा किये गए जप का फल साधक को पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं होता और साधक की महेनत व्यर्थ जाती हे ।।

परन्तु आप चिंता मत करे हमने आपके लिए वैदिक ब्रह्मिनो के द्वारा प्राण प्रतिष्टित और सम्पूर्ण रूप से मन्त्र शक्ति से चैतन्य युक्त कर तैयार की हे और इस माला का मुल्य भी बहोत सामान्य रक्खा गया हे । कोई भी व्यक्ति यह माला को घर बैठे ही प्राप्त कर शकता हे ।।

विशेष नोध । आपके नाम से प्राण प्रतिष्टित माला का उपयोग आप स्वयं ही करे किसी और को मत करने दे अन्यथा जप का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होगा ।।

सिर्फ आपको अपना ऑर्डर निचे दिए नंबर पर sms कर या कोल कर बुक करका शकते हे । sms करने वाले अपना पूरा पता एवं पिन कोड अवश्य लिखे ।।

सिद्ध जप माला की तस्वीर यहाँ निचे दी गई हे ....

सिद्ध जप माला । प्रसादी मुल्य । Rs 450 /-
पोस्टल चार्जिस एक्स्ट्रा । Rs 50/-

राजगुरु जी

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Tuesday, October 17, 2017

वशीकरण प्रयोग

 वशीकरण प्रयोग









      लोहट मंत्र  :- 

 ""    नमो भगवते कामदेवाय सर्वजन प्रियाय सर्वजन सम्मोहनाय ज्वल ज्वल प्रज्वल प्रज्वल हन हन  वद वद तप तप सम्मोहाय सम्मोहाय सर्वजन मे वशं कुरु कुरु स्वाहा  ""

सामग्री   : -    सम्मोहनी  कवच यंत्र . गुटिका . विड्डुत

माला . गोमती चक्र . कौड़ी .  रक्तगुँजा . सभी सामग्री

 प्राण प्रतिष्ठा यूक्त सम्पन्न हो .

मंत्र जाप संख्या  : - इक्कीश हजार

दिशा :- उत्तर

स्थान  :- घर का एकांत कक्ष

समय  :- मध्य रात्रि

दिन  ;- शुक्रवार  / या  मोहनी एकादशी

आसन :- सफ़ेद

वस्त्र :- सफ़ेद धोती

हवन  :- ( दशांश ) देशी घी , पंचमेवा  ( काजू , बादाम , किशमिश , पिश्ता , मखाना  )

विधि  :-

   मोहनी एकादशी या किसी भी शुक्रवार को स्नान आदि से निवित्र होकर कांशे की थाली में समस्त तांत्रिक पूजन  सामग्री स्थापित करके पंचोपचार पूजन करना चाहिए व्यक्ति विशेष को वश में करने का अथवा सिद्धि का संकल्प लेते हुए ,

विधि - विधान पूर्वक गुरु - गणेश वंदना करके , मूल मंत्र का जाप करे ,

. जाप की पूर्णता पर दशांश हवन करके  ब्राह्मण , एवं  पांच कुवारी कन्यायो को भोजन  सहित उपयुक्त दान - दक्षिणा देकर साधना को पूरा करे .

इस महत्व पूर्ण सम्मोहनी साधना से साधक का व्यक्तित्व अत्यंत सम्मोहक और आकर्षक हो जाता हैं .उसके संपर्क में आने वाला कोई भी व्यक्ति प्रभावित हुए बिना नहीं रहता .

यदि कोई साधना करने में असमर्थ हो , तो योग्य विद्द्वान द्वारा या साधना सम्पन्न करा के करवाकर सम्मोहनी कवच धारण करके उक्त लाभ प्राप्त कर सकता हैं .

 नोट  : -

सम्मोहनी कवच का निर्माण हमारे यहा भी किया जाता हैं . और साधना  सामग्री भी हमारे यहा से प्राप्त किया जा सकता हैं

सम्मोहनी कवच का मूल्य   : -  2100

साधना सामग्री का मूल्य   : -    1100

राज गुरु जी

महाविद्या आश्रम
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Saturday, October 14, 2017

शत्रु मारण मंत्र

शत्रु मारण मंत्र









ॐ ऐं ह्रीं महा महा बिकराल भैरवाय ज्वालाक्ताय मम शत्रुं दह दह हन हन पच पच उन्मूलय उन्मूलय ॐ ह्रीं ह्रीं हुं फट् ।।

  सामग्री  -

 श्मशान भैरव यंत्र . गुटिका  . भूत केशी जड़ . काली हकीक माला . प्राण प्रतिष्ठा युक्त मंत्र सिद्धि चैतन्य .

विधि –

 उपरोक्त मंत्र का शनिवार या मंगलवार से जप शुरु करे, जप एक सप्ताह मे ३१०० इकत्तीस हजार जप करने के पश्चात सवा सेर सरसों लेकर हवन करें ।। अवश्य शत्रु नाश होगा ।।

शत्रु शमन के लिए

साबुत उड़द की काली दाल के 38 और चावल के 40 दाने मिलाकर किसी गड्ढे में दबा दें और ऊपर से नीबू निचोड़ दें। नीबू निचोड़ते समय शत्रु का नाम लेते रहें, उसका शमन होगा और वह आपके विरुद्ध कोई कदमनहींउठाएगा।

चेतावनी  - साधना प्रयोग किसी योग्य तंत्रिका या गुरु के मार्ग दर्शन मे ही करें .

राजगुरु जी

महाविद्या आश्रम

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महा प्रचंड काल भैरव साधना विधि

  ।। महा प्रचंड काल भैरव साधना विधि ।। इस साधना से पूर्व गुरु दिक्षा, शरीर कीलन और आसन जाप अवश्य जपे और किसी भी हालत में जप पूर्ण होने से पह...